छत्‍तीसगढ़ में भारी बारिश से बिगड़े हालात, बर्तन में बैठकर मासूम बच्‍चे ने पार की उफनती नदी

जगदलपुर। दक्षिण छत्‍तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों से हो रही वर्षा से बस्तर तरबतर हो गया है। वर्षा से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और इसके कारण कई क्षेत्रों का आपस में सड़क संपर्क कट गया है। बाढ़ का सर्वाधिक असर दक्षिण-मध्य बस्तर में है। वर्षा से जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। इसी बीच छत्‍तीसगढ़ के सुकमा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला और पुरुष जान जोखिम में डालकर अपने नन्‍हें बच्‍चे को एक बड़े से बर्तन में रखकर उफनती नदी पार कर रहे हैं। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो सुकमा जिले के पोंगा भेजी का है, जहां भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं।

[img-slider id="274450"]

इससे पहले रविवार को बीजापुर जिले में राशन लेकर जा रहा ट्रैक्टर नाले में बाढ़ में बह गया। भोपालपटनम के अंदरूनी क्षेत्र में हुई इस घटना की जानकारी सोमवार देर शाम को जिला मुख्यालय पहुंची। इसी जिले में तीन दिन पहले राशन लेकर जा रहा एक ट्रक भी नाला में बाढ़ में बह गया था।

जिले में पिछले पांच दिनों में बाढ़ में बहने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। आंध्रप्रदेश में गोदावरी नदी में बाढ़ के बैकवाटर से दक्षिण बस्तर के सुकमा जिले की कोंटा तहसील में सबरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच चुका है। यहां कोंटा और चेट्टी के बीच बाढ़ का पानी वीरापुरम में भरने से सोमवार रात से राष्ट्रीय राजमार्ग-30 अवरूद्ध है। इसके कारण छत्तीसगढ़ का पड़ोसी राज्य आंध्रप्रदेश और तेलंगाना से सड़क संपर्क कट गया है। राज्य की सीमा पर कोंटा और चेट्टी के बीच सैकड़ों वाहन मार्ग पर फंस गए हैं।

इधर बीजापुर जिले को निजामाबाद महाराष्ट्र से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 163 में छत्तीसगढ़ सीमा से आठ किलोमीटर आगे सोमनपल्ली नाला में बाढ़ के कारण मार्ग में आवागमन बंद है। बीजापुर से हैदराबाद जाने वाला मार्ग भी बाधित है। मध्य बस्तर में इंद्रावती नदी का यहां जगदलपुर पुराना पुल में जलस्तर वार्निंग लेवल (सात मीटर) से कुछ सेंटीमीटर नीचे था। दक्षिण-मध्य बस्तर में वर्षा से अंदरूनी क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा खराब होती जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button